
प्रतापगढ़, 7 नवम्बर। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं गुणवत्ता संवर्धन के उद्देश्य से तीन दिवसीय सघन निरीक्षण अभियान का शुभारंभ बुधवार, 5 नवम्बर से किया गया है।

अभियान के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने उप जिला चिकित्सालय, धरियावद का निरीक्षण किया। इसी क्रम में जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों पर नामित अधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण की कार्यवाही की गई।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. मीणा प्रातः 11:00 बजे धरियावद उप जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने सर्वप्रथम ओपीडी सेवाओं की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा मरीजों से उपचार एवं परामर्श की गुणवत्ता संबंधी जानकारी ली। इसके पश्चात उन्होंने ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध एवं वितरित दवाओं का भौतिक सत्यापन किया तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नि:शुल्क जांच योजना की प्रगति रिपोर्ट देखी।
उन्होंने अस्पताल में भर्ती प्रसूता माताओं एवं अन्य मरीजों से संवाद कर उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की फीडबैक ली। डॉ. मीणा ने अस्पताल भवन की भौतिक स्थिति का भी जायजा लिया और नई बिल्डिंग में स्थानांतरण प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर उप जिला चिकित्सालय धरियावद के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेन्द्र बागड़िया ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 600 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है, जिनमें से लगभग 100 से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की समस्त व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इसके बाद उन्होंने सीएचसी मुंगाना का निरीक्षण कर वहां पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ जीवराज मीणा ने इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप संस्थान की सेवाओं का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियाँ परिलक्षित होंगी, उनके सुधार हेतु आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से उठाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि 5 नवम्बर से 7 नवम्बर तक चलने वाले इस सघन निरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिला अस्पताल, उप जिला चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी, मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान प्रत्येक संस्थान में भवन एवं स्वच्छता की स्थिति, मानव संसाधन की उपलब्धता, ओपीडी/आईपीडी में रोगियों की संख्या, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना सहित अन्य प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. मीणा ने बताया कि निरीक्षण के उपरांत एक विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रणालीगत कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी हो।
Author: Kanthal Media
Pratapgarh










