प्रतापगढ़ में राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ की एकीकृत जिला शाखा के बैनर तले फार्मासिस्टों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। संघ के जिला अध्यक्ष कुलदीप कुमावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रतापगढ़ के जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा दवा वितरण केंद्र तो स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुपात में फार्मासिस्टों के पद नहीं बढ़ाए गए। खासकर शहरी क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां सीमित स्टाफ के कारण दवा वितरण व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि राजस्थान में लगभग 8500 दवा वितरण केंद्र और सब-सेंटर स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब 4000 केंद्र बिना फार्मासिस्ट के ही संचालित हो रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन को उठाना पड़ रहा है—कहीं दवाओं की उपलब्धता में देरी है तो कहीं सही मार्गदर्शन का अभाव।
फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से आगामी बजट में ठोस निर्णय लेने की मांग की है। संघ का कहना है कि पीएचसी, सीएचसी, उप जिला चिकित्सालय और जिला अस्पतालों में कुल 10,032 नए फार्मासिस्ट पद सृजित किए जाएं। साथ ही, पूर्व में विलोपित पदों को बहाल किया जाए और लंबे समय से रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।


Author: Kanthal Media
Pratapgarh









