

निरीक्षण के दौरान पीएचसी में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. अनिल आचार्य एवं फार्मासिस्ट मोनिका ड्यूटी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। मौके पर मौजूद अन्य चिकित्सा कर्मियों से पूछताछ करने एवं हाजिरी रजिस्टर की जांच करने पर दोनों कार्मिक बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए।
सीएमएचओ डॉ. मीणा ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित दोनों कार्मिकों के विरुद्ध राज्य सरकार के सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल परिसर, ओपीडी, दवा भंडार, लैब, डीडीसी काउंटर एवं रजिस्टरों की भी गहन जांच की। उन्होंने पाया कि लैब में आवश्यक रीजेंट्स की कमी थी तथा हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जांचों के संसाधन पर्याप्त नहीं थे। इस पर संबंधित कार्मिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।
सीएमएचओ ने विशेष रूप से यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा खांसी और कफ सिरप की दवाओं को लेकर जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि नियर एक्सपायरी या खराब हो चुकी दवाओं को अलग रखा जाए एवं ऐसी किसी भी दवा का वितरण न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने दवाओं की उपलब्धता, रोगियों की ओपीडी पंजीयन स्थिति, अस्पताल परिसर की स्वच्छता और लैब में जांच की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना स्वीकृति मुख्यालय नहीं छोड़ा जाए, सभी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए और सभी जांचें नियमित रूप से की जाएं।
डॉ. मीणा ने बताया कि पीएससी अवलेश्वर के साथ ही जिला स्तर से नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण किए जाएंगे ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयपालन एवं जनसंतुष्टि सुनिश्चित की जा सके।
सीएमएचओ ने समस्त चिकित्सा कर्मियों से कहा कि त्योहारी सीजन और मौसमी बीमारियों को देखते हुए और कर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा, पारदर्शिता के साथ सरकार की योजनाओं एवं निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन सुनिश्चित करें।
Author: Kanthal Media
Pratapgarh
