प्रतापगढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार “सृजन की सुरक्षा” योजना की पालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ की ओर से ग्राम कुलमीपुरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केदारनाथ द्वारा की गई।

शिविर में उपस्थित आमजन एवं महिलाओं को रालसा (राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण) द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से “सृजन की सुरक्षा” योजना के अंतर्गत महिलाओं को सशक्त बनाने, बालिकाओं को आगे बढ़ाने, उनके प्रति अपराधों में कमी लाने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया। बालिका स्वाती के जन्म उपलक्ष्य में उसके नाम की पर्ची के साथ 11 पौधे लगाए गए। प्रत्येक पौधे पर नाम-पत्र चिपकाकर उन्हें बालिका के उज्ज्वल भविष्य की प्रतीक के रूप में समर्पित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को नालसा की मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2024 तथा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना 2024 के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

केदारनाथ ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विधिक जागरूकता पहुंचाना और महिलाओं-बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल और बेटियों की सुरक्षा का संकल्प लिया।
Author: Kanthal Media
Pratapgarh
