

प्रतापगढ़ नगर परिषद में भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। सफाई कर्मी भर्ती, नाला निर्माण और जमीन आवंटन घोटालों के बाद अब आतिशबाजी टेंडर में बड़ा खेल सामने आया है।
जानकारी के अनुसार भगवान के नाम पर आयोजित मेलों में भी नियमों को ताक पर रखकर आतिशबाजी के टेंडर जारी किए गए। आरोप है कि जिन लोगों के पास आतिशबाजी के विक्रय और भंडारण के वैध लाइसेंस तक नहीं थे, उन्हें ही टेंडर दे दिए गए।
नगर परिषद द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि और दशहरा मेलों में हर साल आतिशबाजी करवाई जाती है, लेकिन अब इन टेंडरों में भारी अनियमितताओं की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि निवर्तमान जनप्रतिनिधियों से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने नगर परिषद आयुक्त जितेंद्र मीना और प्रशासक को पत्र लिखकर बीते 5 वर्षों के सभी आतिशबाजी टेंडरों की पत्रावलियां तलब की हैं।
कलेक्टर पहले भी सफाई कर्मी भर्ती और जमीन आवंटन घोटालों में कार्रवाई के निर्देश दे चुकी हैं। साथ ही आयुक्त को जमीन घोटाले को लेकर भी अलग से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अब सवाल ये है कि आस्था के नाम पर हुए इस घोटाले में आखिर किन-किन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती हे

Author: Kanthal Media
Pratapgarh
