हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करने की मांग, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

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राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम ने हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा घोषित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। संगठन के प्रदेश सचिव गिरीश पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया
फ़ोरम के संस्थापक अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने पत्र में लिखा कि हिंदी भारत में सबसे बड़ी संपर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है और यह समय है कि इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जाए।

पत्र में तर्क देते हुए कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को भारत की राजभाषा घोषित किया गया है, किंतु आज तक इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं मिला है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 43.63% भारतीय हिंदी को मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। भोजपुरी, राजस्थानी, अवधी और अन्य उपभाषाओं को जोड़ लिया जाए तो यह प्रतिशत 55% से अधिक हो जाता है। इसके अलावा हिंदी भारतीय संस्कृति, साहित्य, लोकजीवन और संचार का प्रमुख आधार है।

संगठन ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि हिंदी न केवल भारत में बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में करोड़ों लोग बोलते हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी हिंदी के प्रयोग की मांग लगातार उठ रही है। पत्र में यह भी कहा गया कि स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज भी राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक समन्वय की सबसे सशक्त कड़ी बनी हुई है।

अनिल सक्सेना ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करने से न केवल भाषाई अस्मिता को बल मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय गौरव भी बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस विषय पर गंभीर विचार करते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित कर ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।

Kanthal Media
Author: Kanthal Media

Pratapgarh

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