प्रतापगढ़ में चातुर्मास की आराधना के दौरान जैन समाज में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों एवं तपस्याओं के आयोजन हो रहे हैं,इसी कड़ी में साधुमर्गीय जैन संघ के अंकीत चिप्पड़ के 33 उपवास की तपस्या पर एक समारोह आयोजित किया गया,समता भवन में आयोजित इस तप अनुमोदना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन धर्मावलबी उपस्थित रहे ,इस दौरान जैन साध्वी चंचल कंवर ने तप के महत्व पर प्रकाश डाला
33 उपवास की कठिन तपस्या करने पर तप अनुमोदना कार्यक्रम समता भवन में आयोजित किया गया,समता युवा संघ के मनोज धींग ने बताया कि साध्वी चंचल कंवर की निश्रा में चातुर्मास के दौरान तपस्याओं का दौर जारी है, इसी क्रम में संघ के अंकित चिप्पड द्वारा आज 33 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए गए, इस दौरान तप की अनुमोदना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जैन समाज में तपस्या का काफी महत्व है ,केवल भूखे रहना ही तप नहीं है, इंद्रियों पर नियंत्रण रखते हुए आराधना करना वास्तविक तप है, कषायों पर विजय प्राप्त करना वास्तविक तप है ,इस दौरान तपस्वी का संघ और समाजजनों की ओर से की ओर से अभिनंदन किया गया, कृषि उपज मंडी में भी नवकार मंत्र के जाप और मंगल चौबीसी का आयोजन भी इस दौरान किया गया जिसमें बड़ी संख्या में जैन धर्मावलबी और अन्य समाज के लोग शामिल हुए
33 उपवास की तपस्या करने वाले अंकित चिप्पड का बहुमान

