उदयपुर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर प्रतापगढ़ में भी अधिवक्ताओं व नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

बार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अरुण पाटीदार ने बताया कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिले जोधपुर उच्च न्यायालय से लगभग 450 से 550 किलोमीटर दूर स्थित हैं। इतनी लंबी दूरी तय कर न्याय की गुहार लगाना क्षेत्र की जनता के लिए कठिन है। साथ ही इस संभाग से जुड़े मुकदमों की संख्या भी जोधपुर उच्च न्यायालय में अधिक है। बावजूद इसके अब तक उदयपुर में न तो हाईकोर्ट खंडपीठ और न ही वर्चुअल खंडपीठ की घोषणा की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बीकानेर में नई खंडपीठ स्थापित करने की तुलना में मेवाड़-वागड़ क्षेत्र का जनसंख्या घनत्व अधिक है और यहां न्यायिक जरूरतें भी अधिक हैं। इसके बावजूद उदयपुर की अनदेखी करना क्षेत्र की जनता व अधिवक्ताओं के साथ कुठाराघात है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बीकानेर में खंडपीठ की घोषणा राजनीतिक कारणों से की गई, जबकि उदयपुर की मांग पिछले 40 वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। अगर जल्द ही उदयपुर में खंडपीठ की स्थापना नहीं की गई तो मेवाड़-वागड़ की जनता और अधिवक्ता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

Author: Kanthal Media
Pratapgarh
