प्रतापगढ़ में बीते दो महीने से लापता जनसेवक प्रहलाद जी गुर्जर को पुलिस आखिर खोजने में कामयाब रही ,पुलिस ने पोक्सो मामले में दो माह से लापता चल रहे भाजपा नेता और जनसेवक प्रहलादजी को ढूंढ ही निकाला। जनसेवा के इस व्यस्त कार्यक्रमों के बीच मंगलवार रात को गुर्जर साहब शहर की एक होटल में विश्राम करते मिले, जहां से जिला पुलिस की विशेष टीम और कोतवाली थाना पुलिस “सम्मानपूर्वक” इनको अपने साथ लेकर कोतवाली थाने पर पहुंची, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इनके रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था थाने की हवालात में कि गई,अगले दिन यानी बुधवार सुबह पुलिस इन्हें अदालत लेकर पहुंची जहां अदालत के निर्देश पर वह “जेल भ्रमण” के लिए निकल पड़े। गुर्जर को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
दरअसल, दो महीने पहले तत्कालीन कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने गुर्जर के खिलाफ पोक्सो एक्ट में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस को मिली एक वीडियो क्लिपिंग में उनकी “विशेष सक्रियता” एक नाबालिग के साथ दिखाई दी, जिसके बाद यह मामला बना। राहत की तलाश में उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से कोई विशेष आशीर्वाद नहीं मिला, जिसके बाद वे जनसेवा के गुप्त मिशन पर निकल पड़े।
सूत्रों के मुताबिक, जिला पुलिस की विशेष टीम को सूचना मिली कि यह मिशन शहर की एक होटल में संचालित हो रहा है। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई में होटल की तलाशी ली गई और वहीं से गुर्जर को कोतवाली थाने लाकर पूछताछ के बाद औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
गौरतलब है कि गुर्जर, प्रतापगढ़ नगर परिषद की निवर्तमान सभापति के पति हैं और सोशल मीडिया पर स्वयं को सभापति के रूप में प्रचारित करते रहे हैं। इस “प्रचार अभियान” की जांच भी तत्कालीन कलेक्टर द्वारा करवाई गई थी। बाद में सोशल मीडिया पर कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों पर की गई उनकी टिप्पणियों ने मामले को और गर्माया, यहां तक कि तड़ीपार की कार्रवाई भी शुरू हुई—हालांकि उस मोर्चे पर उन्हें अस्थायी राहत मिल गई थी।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में किए गए इस ऑपरेशन “जनसेवक” के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि प्रहलाद जी के कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से संपर्क होने के कारण पुलिस पर दबाव भी था, लेकिन अंततः “जनसेवा” का यह अध्याय कानून के दरवाजे तक पहुंच ही गया।
अब पुलिस इन पर दर्ज अन्य प्रकरणों की भी फाइलें खोलने की तैयारी में है। बुधवार को कोतवाली थाने की रिकॉर्ड बुक के स्थाई सदस्य “जन सेवकजी” को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनके विस्तारित “जेल भ्रमण” के आदेश जारी कर दिए गए। फिलहाल कानून के दरवाजे पर पहुंचे इस मामले में आगे क्या परिणाम आते हैं समय ही बताएगा।


Author: Kanthal Media
Pratapgarh
